छत्तीसगढ़
रास्ता रोककर मारपीट और 50 हजार की लूट, तीन दोषियों को 14 साल का कठोर कारावास
Shantanu Roy
25 Aug 2026 10:43 PM IST

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Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। रास्ता रोककर युवक से मारपीट करने और 50 हजार रुपये से भरा बैग लूटने के मामले में जांजगीर की अदालत ने तीन दोषियों को अधिकतम 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र चौहान की अदालत ने दीपक कश्यप उर्फ पिंटू, कोमल कश्यप और राहुल कुमार निर्मलकर को अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराते हुए कारावास के साथ अर्थदंड लगाया है। लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर के अनुसार, ग्राम गौद निवासी दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) के अपराध में एक महीने के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। धारा 309(4) में 14 वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 309(6) में 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषियों को संबंधित धाराओं में क्रमशः सात दिन तथा एक-एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेश में अलग-अलग धाराओं के तहत दी गई सजाओं का उल्लेख किया गया है। घटना 15 दिसंबर 2024 की है। बजरंग करियारे ने सारागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका मंझला भाई केशव करियारे ग्राम कोटाडबरी में अपना क्लिनिक चलाता है और प्रतिदिन घर से आना-जाना करता है। घटना वाली रात केशव अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BA 2529 से क्लिनिक से घर लौट रहा था। उसके पास काले रंग के रेग्जीन बैग में 500-500 रुपये के 100 नोट, कुल 50 हजार रुपये रखे थे।
रात करीब साढ़े आठ बजे केशव कमरीद राइस मिल के पास पहुंचा। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उसका रास्ता रोकने का प्रयास किया। खतरा देखकर उसने अपनी मोटरसाइकिल की गति बढ़ा दी, लेकिन तीनों युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पिलारी नहर कमरीद के पास पहुंचने पर पीछा कर रहे युवकों ने केशव की पीठ पर बेल्ट से हमला किया, जिससे वह मोटरसाइकिल सहित गिर गया। इसके बाद तीनों उसे सड़क से खींचकर खेत की तरफ ले गए। वहां उसके साथ हाथ-मुक्के, लात, बेल्ट और हेलमेट से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
मारपीट के कारण केशव के माथे, पीठ, सिर, नाक, सीने, बाएं हाथ और दोनों पैरों में चोट आई। उसका हेलमेट भी टूट गया। इसके बाद हमलावर 50 हजार रुपये से भरा बैग लूटकर भाग गए। घायल केशव किसी तरह पैदल अंजली पेट्रोल पंप सारागांव पहुंचा और वहां मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलने पर केशव के बेटे सूरज करियारे, राजेंद्र पांडेय और अन्य लोग उसे उपचार के लिए बीडीएम अस्पताल चांपा ले गए। बजरंग करियारे की रिपोर्ट पर सारागांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 215/2024 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान घायल केशव करियारे से आरोपियों की पहचान कराई गई। पहचान कार्रवाई में उसने दीपक कश्यप, कोमल कश्यप और राहुल कुमार निर्मलकर को मारपीट एवं लूट की घटना में शामिल बताया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि रास्ता रोककर मारपीट करने और रुपये लूटने का अपराध गंभीर प्रकृति का है। न्यायालय ने गवाहों के कथनों, पहचान कार्रवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने पैरवी की।
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